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जब भी नया किरदार मिलता है, उसके अनुसार ढल जाती हूं: नीलू वाघेला
इंदौर. मैंने भाभो का किरदार सात साल तक किया है. इस दौरान मेरी कोशिश यही रही कि मैं हर बार किरदार के साथ इंसाफ करूं और वो मुझ पर हावी न हो. हर किरदार के साथ ऐसा ही करती हूं. इसलिए जब भी नया किरदार मिलता है मैं उसके अनुसार ढल जाती हूं. अभी मेरा फोकस सत्यादेवी पर है.
यह कहना है अभिनेत्री नीलू वाघेला का. नीलू अपने किरदार भाभो के लिए दर्शकों के बीच लोकप्रिय. वे सोनी टीवी के सो मैं मायके चली जाऊंगी तुम देखते रहियो में मुख्य किरदार निभा रही है. वे शो के प्रमोशन के लिए शहर में थी. उनके साथ शो के अन्य के मुख्य कलाकार अदिति देशपांडे, नमिष तनेजा और सृष्टि जैन अपने प्रशंसकों के साथ बात करने के लिए इंदौर में थे. कलाकारों ने शहर में घूम कर शहर की प्रसिद्ध चीज़ों का लुत्फ़ उठाया और अपने प्रशंसकों के साथ मुलाकात भी की.
नीलू वाघेला ने बताया कि सत्यादेवी का किरदार निभा रही हूं जो कि एक वकील है. वह महिला सशक्तिकरण और भ्रूण हत्या के खिलाफ आवाज उठाती है. उसकी तीन बेटियां है जिनसे वह बुहत प्यार करती है. शो में हमने दिखाया है कि कितना एडजस्ट करें और कितना दूसरे की लाइफ में इंटरफियर करें.
नीलू ने आगे बताया कि मैं 11 साल की उम्र से एक्टिंग कर रही हूं. अभी तक 55 राजस्थानी फिल्में कर चुकी हूं. राजस्थानी फिल्मों के कारण मुझे दिया और बाती सीरियल मिला. जो काफी लंबा चला. मेरा मानना है कि किस्मत वालों को ही इतने लंबे किरदार निभाने का मौका मिलता है. लोग मुझे आज भी भाभो के नाम से जानते हैं.
डांस मेरा पेशन, एक्टिंग प्यार: नमिष
अभिनेता नमिष तनेजा ने बताया कि समर का किरदार निभा रहा हूं. जो कि एक आदर्श लड़का है. आज के समय में ऐसे लड़के मिलते नहीं है. शो में वह मां, सास और पत्नी के बीच फंसा हुआ है. नमिष ने बताया कि मैं दिल्ली से हूं. बचपन में रामलीला करता था और डांसर भी था. मैंने यू ट्यूब देखकर डांस सीखा. डांसर ही बनना चाहता था उन दिनों. किसी कारण से मुझे मुंबई आना पड़ा. तब यहां मुझे किसी ने कहा कि तुम एक्टिंग में कोशिश करो. मैंने ऑडिशन दिया तो पहली बार में रिजेक्ट हो गया. मुझे यहां किक लगी कि मैं एक्टिंग क्यों नहीं कर सकता. तब मैंने एक्टिंग करने की ठानी और लगातार ऑडिशन दिये. मैंने हार नहीं मानी और कोशिश करता रहा. इस कारण एक्टिंग भी मेरा पेशन हो गया. मुझे सफलता मिली और मुझे पहला सीरियल मिला. इसमें छोटे भाई की भूमिका थी तो इच्छा हुई मैं लीड क्यों नहीं कर सकता. मैंने काफी सीखा और सुधार किया तो लीड रोल भी मिल गया. वर्तमान में डांस मेरा पेशन है और एक्टिंग मेरा पहला प्यार.
हमेशा नया करने की कोशिश करती हूं: अदिति
अभिनेत्री अदिति देशपांडे ने बताया कि मैं रमा का किरदार निभा रही हूं जो कि समर की मां है. उसकी सोच है कि समझौत मत करो एडजस्टमेंट करो. जीवन में एडजस्टमेंट जरूरी है. अदिति ने बताया कि मैं मुंबई से हूं और बचपन से मराठी थियेटर कर रही हूं. बचपन में भारतनाट्यम भी सीखा जो नाट्य का ही रूप है. मैंने मराठी फिल्मों में काम भी किया और दो फिल्में प्रोड्यूस भी की. उन फिल्मों के अवार्ड भी मिला. मैं हमेशा नया करने की कोशिश करती हूं इसलिए फिल्म का निर्देशन भी किया. थियेटर, फिल्म और टीवी एक साथ नहीं हो सकता इसलिए अभी टीवी पर फोकस है. भविष्य में मौका मिला तो ऐसा रियलिटी शो बनाना चाहूंगी जिससे माता-पिता को ये संदेश दे सकूं कि वो बच्चों पर पढ़ाई के लिए प्रेशर न करें.
हर किरदार के लिए कुछ सीखती हूं: सृष्टि
अभिनेत्री सृष्टि जैन ने कहा कि जया शर्मा का किरदार निभा रही हूं जो कि वेडिंग प्लानर है. वह मां को भगवान मानती है. इस शो में दिखाया गया है शादी में कितना समझौता करें. इसे व्यंग्यात्मक तरीके से दिखाया है इसलिए हास्य भी है और गंभीरता भी. इस शो से मां, लड़कियां और लड़के भी कनेक्ट कर पाएंगे. उन्होंने आगे बताया कि मैं भोपाल से हूं और इंदौर से भी मेरा नाता रहा है क्योंकि यहां रिश्तेदार रहते हैं. मेरी फैमेली में इंजीनियर और डॉक्टर है लेकिन मेरी इच्छा बचपन से अभिनय की थी इसलिए थियेटर भी करती थी. जब हम मुंबई शिफ्ट हुए तो पैरेनट्स को मैंने अपनी इच्छा बताई. इसके बाद ऑडिशन दिए और मुझे शो मिल गया. सृष्टि ने कहा कि मेरे लिए एक्टिंग पेशन है और जुनून की तरह है. मेरी आदत है मैं एक जगह बैठकर काम नहीं कर सकती इसलिए मुझे एक्टिंग अच्छी लगती है. मैं हर किरदार के लिए कुछ न कुछ सीखती है. रोज कुछ न कुछ नया करने को मिलता है.


